संगड़ाह College के Museum को मिली ऐतिहासिक व सांस्कृतिक महत्व की 65 वस्तुएं

पहाड़ी कवि आत्माराम शर्मा ने दान की कुठेरू, शुचांउडू, गुंदू, ऊखल व जूण जैसी ऐतिहासिक महत्व की चीजें 

ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संग्रहालय वाला सिरमौर का पहला व प्रदेश का तीसरा महाविद्यालय होगा संगड़ाह College 

संगड़ाह। राजकीय महाविद्यालय संगड़ाह के History Dipartment द्वारा College campus में स्थापित किए जाने वाले ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संग्रहालय के लिए आज पहाड़ी कवि आत्माराम शर्मा द्वारा 65 महत्वपूर्ण वस्तुएं उपलब्ध करवाई गई। Museum को लेकर Principal डॉ. मीनू भास्कर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में IQAC Coordinator एवं History विभागाध्यक्ष प्रो. संदीप कुमार कनिष्क, संस्थापक सदस्य एवं पहाड़ी कवि आत्मा राम शर्मा, सेवानिवृत्त शिक्षक हीरापाल शर्मा, विवता नंद वशिष्ठ, NAAC समन्वयक प्रो देवेंद्र, डॉ. वेद प्रकाश, डॉ. सरिता व डॉ. विनोद कुमार आदि उपस्थित रहे। संग्रहालय का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की समृद्ध ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर का भावी पीढ़ियों के लिए संरक्षण, Documentation तथा Students व समाज में ऐतिहासिक चेतना को बढ़ावा देना है। 
 

संग्रहालय के संस्थापक सदस्य एवं पहाड़ी कवि आत्मा राम ने Museum के लिए कुठेरू, शुचांउडू, कांखुड़ा, छुआनू, गुंदू, ऊखल व जूण जैसी 65 ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व की वस्तुएं दान स्वरूप भेंट कीं। महाविद्यालय प्रशासन ने उनके इस योगदान की सराहना करते हुए इसे संग्रहालय स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि, संग्रहालय का नाम स्थानीय सिरमौरी की हाटी अथवा पहाड़ी बोली में रखा जाएगा, ताकि क्षेत्रीय भाषा, संस्कृति और परंपरा को सम्मान एवं प्रोत्साहन मिल सके। यहां क्षेत्र के इतिहास व लोक संस्कृति से संबंधित 100 से ज्यादा वस्तुएं रखें जाने की कोशिश की जाएगी। प्राचार्य डॉ मीनू भास्कर के अनुसार संग्रहालय की स्थापना से विद्यार्थियों को स्थानीय इतिहास एवं संस्कृति को प्रत्यक्ष रूप से जानने और समझने का अवसर मिलेगा तथा यह क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक केंद्र के रूप में विकसित होगा। बताया जा रहा है कि, संगड़ाह ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संग्रहालय वाला सिरमौर जिला का पहला व हिमाचल का तीसरा College होगा। जानकारी के अनुसार अब तक केवल कुल्लू व शिमला जिला के 1-1 महाविद्यालय में इस तरह के Museum मौजूद है।

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