न्यायालय ने Chief Secratary व DC सिरमौर आदि अधिकारियों को जारी किए Notice
सब्जी विक्रेताओं द्वारा गायों को क्रूरता से पीटने पर भी पशु प्रेमी ने आपत्ति जताई
संगड़ाह व ददाहू Block में बनी 2 दर्जन गौशालाओं में से केवल दो हुई चालू
सड़कों पर भटक रहे गौवंश के सर्दियों ठिठुरने के बाद अब गर्मियों में प्यासे रहने पर चिंता जताई
BDO संगड़ाह के अनुसार उच्च अधिकारियों को भेजा जा चुका है जवाब
संगड़ाह। सड़कों पर भटक रही हिंदू धर्म में माता का दर्जा प्राप्त बेसहारा गायों को Justice दिलाने के लिए सतयुगी तीर्थ कहलाने वाले रेणुका जी के राजेंद्र सिंह ने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय मे जनहित याचिका दायर की। उनकी CW PIL 14/2026 पर उच्च न्यायालय ने हिमाचल सरकार के मुख्य सचिव, गौसेवा आयोग के Chairperson, Director पशुपालन विभाग, DC Sirmaur व खंड विकास अधिकारी ददाहू को Notice जारी कर जवाब तलब किया है। पशु प्रेमी राजेंद्र ने आज पत्रकारों से बातचीत में कहा कि, विकास खंड संगड़ाह व ददाहू में सड़कों पर घूम रहे कुछ पशु जहां सर्दियों में बर्फबारी के दौरान जान गंवा रहे हैं, वहीं गर्मियों में इन्हें कोई पानी तक नहीं पिलाता और कुछ सड़क हादसों में अपंग हो चुके हैं।उन्होंने दुकान के बाहर सड़क पर अतिक्रमण कर सब्जियां लगाने वाले दुकानदारों द्वारा इन गायों को आए दिन बेरहमी से डंडों से पीटने की क्रूरता पर आपत्ति जताई और सिरमौर District Administration व Police से ऐसे अतिक्रमणकारियों पर कार्यवाही की मांग की। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार ददाहू व संगड़ाह खंड की चाड़ना, ददाहू, संगड़ाह, चौकर, शियाघाटी व भाटन आदि मे दो दर्जन पंचायतों ने जहां बेसहारा गौवंश के लिए गौशालाएं बनाई गई, वहीं अकेले ददाहू खंड में एक हजार से ज्यादा लोगों ने अपनी निजी पशुशालाओं के लिए सरकारी मदद ली है। राजेंद्र ने कहा कि, इनमें से केवल 2 गौशालाएं चालू हो सकी और बाकियों का कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा रसोई, बाड़े व स्टोर के रूप में इस्तेमाल किए जाने के बावजूद विभाग व पंचायतें चैन की नींद सो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि, सभी पशुओं की टेकिंग कर चुके पशुपालन विभाग द्वारा भी प्रशासन पशुओं को बेसहारा छोड़ने वालों की जानकारी नहीं दी जाती। गत वर्ष दोबारा शुरू हुए विकास अधिकारी ददाहू का अतिरिक्त कार्यभार देख रही BDO संगड़ाह नेहा नेगी ने इस बारे नोटिस मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि, राजेंद्र सिंह की शिकायत पर उच्च अधिकारियों को report अथवा जवाब भेजे जा चुके है। दोनों विकास खंडों में मौजूद 2 दर्जन के करीब गौशालाओं में से उन्होंने केवल ददाहू व चाड़ना में एक-एक गौशाला चालू हालत में होने की बात कही।




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