नौणी विश्वविद्यालय में वृक्ष सुधार विभाग के HOD बने डॉ जयपाल शर्मा


सिरमौर के नानड़ी गांव के Scientist ने विकसित की Willow की सीधे तने वाली प्रजाति 

गांव के School प्रारम्भिक शिक्षा के बाद 10th में JNV नाहन के Topper रहे हैं जयपाल 


संगड़ाह। सिरमौर जिला के उपमंडल संगड़ाह अथवा नौहराधार तहसील के अंतर्गत आने वाले दूरदराज के गांव नानड़ी के वैज्ञानिक डॉ जयपाल शर्मा को Dr YS Parmar University of Horticulture and Forestry के वृक्ष सुधार एवं आनुवंशिक संसाधन विभाग के (HoD) विभागाध्यक्ष के पद पर पदोन्नत अथवा नियुक्त किया गया। University की Website पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार डॉ. जयपाल शर्मा पिछले 17 वर्षों से वानिकी एवं कृषि वानिकी के क्षेत्र में शिक्षण, अनुसंधान एवं विस्तार गतिविधियों में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। इन्हें अल्पावधि वृक्ष प्रजातियों, विशेषकर स्थानीय बोली में बेस व बिऊंस कहलाने वाले Willow Hybrid के सुधार, मूल्यांकन और विकास में विशेषज्ञता हासिल है। 

डॉ जयपाल द्वारा विकसित किए गए उन्नत विलो (Salix alba) की खास बात यह है कि, इनका ज्यादातर तना सीधा रहने के कारण Cricket Bat व अन्य मजबूत लकड़ी की सामग्री के निर्माण के लिए अधिकतम पेड़ का इस्तेमाल होता है। यह किस्म आज हिमालयी क्षेत्रों के किसानों और अन्य हितधारकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं और लोग बड़े पैमाने पर लोग बेस लगा रहे हैं। वर्तमान में डॉ. शर्मा प्रोटेक्शन ऑफ प्लांट वैरायटीज़ एंड फार्मर्स राइट्स अथॉरिटी के तहत विलो किस्मों के पंजीकरण के लिए गठित Task Force के सदस्य के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके अलावा, वे दो बड़ी बाह्य वित्तपोषित परियोजनाओं डीयूएस सेंटर फॉर विलो तथा सी-बकथॉर्न से भी महत्वपूर्ण पर जुड़े हैं। कुछ पर्यावरण प्रेमियों के अनुसार हिमाचल का Cold Desert कहलाने वाले लाहौल स्पीति जिला में भी यह बेस अथवा बीऊंस तथा छरमा कहलाने वाले Sea Buckthorn जैसे पेड़ पौधे उगाए जा रहे और यह न केवल लोगों की आजीविका का साधन बन रहे है, बल्कि इस शीत मरुस्थल के काफी हिस्से को हरा भरा भी बना सकते हैं। 

वानिकी अनुसंधान के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए वर्ष 2012 में उन्हें प्रतिष्ठित इंडियन फॉरेस्टर द्वारा ब्रांडिस पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। University के कुलपति डॉ हरमिंदर सिंह बवेजा व अन्य कर्मचारी तथा अधिकारियों ने डॉ जयपाल को उनकी इस नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी व उपलब्धी के लिए बधाई दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि, डॉ शर्मा के लंबे अनुभव व कुशल नेतृत्व में यह विभाग अनुसंधान, शिक्षा और किसान कल्याण की दिशा में नए आयाम स्थापित करेगा। अपने पंचायत मुख्यालय देवामानल के स्कूल से प्रारम्भिक शिक्षा के बाद जयपाल ने नवोदय विद्यालय नाहन से +2 की और 10th में वह School के Topper भी रह चुके हैं।
 

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