40 साल से ददाहू मे सड़कों पर जीवन यापन कर रहे "बद्री" को मिला "अपना घर"

मानसिक विक्षिप्त को रूड़की के अपना घर आश्रम रूड़की भेजा गया

सिरमौर जिला के तहसील मुख्यालय ददाहू में पिछले करीब 40 साल से सड़कों पर जीवन बिताने वाले बुजुर्ग को आखिर सहारा मिल गया है। ददाहू निवासी अमित भारद्वाज, विजय सूद, वरिष्ठ पत्रकार दीपक जोशी तथा पांवटा साहिब के समाजसेवी संजय कंवर आदि के प्रयासों से बुजुर्ग को रविवार को अपना घर आश्रम, रूड़की, उत्तराखंड में सकुशल पहुंचाया गया। अब वहां उसकी देखभाल और उपचार किया जाएगा। Badri के नाम से पहचाने जाने वाले इस बुजुर्ग की उम्र करीब 55 से 60 वर्ष बताई जा रही है। पिछले 4 दशकों से यह मानसिक विक्षिप्त Dadahu में सड़क अथवा Footpath पर ही रहता था।


 मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह न अपना पूरा नाम बता पाता था और न ही घर का पता। स्थानीय दुकानदार और लोग दया भाव से उसे खाना दे देते थे। समय के साथ उम्र बढ़ने पर उसकी सेहत भी गिरने लगी। बारिश, धूप और कड़ाके की ठंड में भी उसे सड़कों पर ही रात गुजारनी पड़ती थी। यह देखकर ददाहू के कुछ जागरूक लोगों ने उसकी मदद का बीड़ा उठाया। इस नेक काम के लिए पहले Police Station रेणुका जी से बुजुर्ग को आश्रम भेजने के लिए कानूनी अनुमति ली गई। सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे Apna Ghar आश्रम, Roorkee उत्तराखंड shift किया गया। यह आश्रम मानसिक रूप से बीमार और असहाय लोगों की देखभाल के लिए जाना जाता है। आश्रम में अब बुजुर्ग को रहने, खाने, इलाज और सम्मानजनक जीवन मिलेगा। समाजसेवी संजय कंवर ने कहा कि, बद्री जैसे लोग समाज की जिम्मेदारी हैं। इस सराहनीय कार्य के लिए स्थानीय लोगों ने अमित भारद्वाज, विजय सूद, दीपक जोशी व संजय कंवर के प्रयासों की सराहना की है।

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