Environmentalist नाथूराम व पंचायत प्रधान की मौजूदगी में हुई बैठक
चूना पत्थर खनन से सड़कों, जल स्रोतों, खेतों व जंगलों को हुए नुकसान पर भी हुई चर्चा
सिरमौर जिला के उपमंडल संगड़ाह में जारी Illigal व Unscientific Limestone Mining को बंद करने के लिए करने के मुद्दे पर शनिवार को किंकरी देवी पार्क संगड़ाह में मशहूर पर्यावरणविद् नाथूराम चौहान व स्थानीय पंचायत प्रधान तपेंद्र सिंह की मौजूदगी में क्षेत्र के पंचायत प्रतिनिधियों, पर्यावरण प्रेमियों व विभिन्न NGOs से जुड़े लोगों द्वारा बैठक आयोजित की गई। 
इस बैठक में इलाके में अवैध व अवैज्ञानिक खनन बंद करवाने की जनमुहीम चलाने का फैसला लिया गया। बैठक में नाथूराम तथा अन्य पर्यावरण प्रेमियों ने कहा कि, मिनी सचिवालय संगड़ाह से महज 1 KM की दूरी पर मौजूद वालिया Limestone Mines की Illigal Dumping का मलवा बारिश में सड़क पर आने से गत 5 मई को जहां 1 Car व एक बाइक दब गई थी, वहीं बरसात में आए दिन बारिश होने पर यहां घंटों रोड बंद रहता है। साथ लगती दुर्गा माइन बोरली की डंपिंग का मलवा भी इसी तरह नीचे मौजूद संगड़ाह-रेणुकाजी-नाहन Road पर आ रहा है और यहां भी सड़क की हालत ऐसी ही बनी हुई है तथा हादसों का अंदेशा है।
उन्होंने कहा कि, उपमंडल संगड़ाह में बिना Mining Inspector तथा Waitbridge के करीब 850 बीघा भूमि पर चल रही वैध व अवैध चूना पत्थर खदानों से न केवल सड़कों व जल स्रोतों को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि लोगों की जमीन, जंगल तथा पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है। करीब 27 लाख का Budget खर्च होने के बावजूद किंकरी देवी Park की विभागीय अनदेखी के चलते हुई बदहाली, यहां फेंसिंग पाइपलाइन उखाड़े जाने तथा शराब व बीयर की बोतलों के ढेर पर भी नाथूराम व किंकरी देवी के पौत्र बिजेंद्र कुमार ने रोष जताया। भारत सरकार द्वारा 2011 में शक्ति पुरस्कार से सम्मानित पर्यावरण प्रेमी उनकी देवी द्वारा हालांकि 1990 के दशक में सिरमौर की 71 अवैध व अवैज्ञानिक Limestone Mines को बंद करवाया गया था, मगर 30 दिसंबर 2007 को उनके निधन के बाद से फिर से खनन माफिया के हौसले बुलंद है।


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